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रात वहीं बितानी है। थाली साझा करनी है। असली बात सुननी है।
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घर छोड़ो · खजनी जोड़ो · रुख़ मोड़ो
Ghar Chhodo · Khajni Jodo · Rukh Modo
खजनी यात्रा कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं — यह ज़मीन से जुड़ने की कोशिश है। गाँव-दर-गाँव, घर-दर-घर, मैं लोगों के बीच रहूँगा और उनकी ज़िन्दगी, उनकी तकलीफ़ें और उनकी उम्मीदें समझूँगा।
अक्सर घोषणापत्र ज़मीन की सच्चाई जाने बिना लिखे जाते हैं। खजनी यात्रा इसी खाई को पाटती है — ताकि हर वादा लोगों की आवाज़ से जन्म ले।
“हर आवाज़ अहम है। हर आवाज़ सुनी जाएगी।”
यह एक वचन है — लोगों के साथ खड़े रहने का, उनके बीच रहने का, और उनकी चिंताओं को सच्चे मन से उठाने का।
रात वहीं बितानी है। थाली साझा करनी है। असली बात सुननी है।
हर बूथ की कहानी अलग। हर कहानी की ज़रूरत अलग।
घोषणापत्र आपकी आवाज़ से खुद बनेगा।
भावी प्रत्याशी
मिट्टी का बेटा · आवाज़ का सेवक
नीचे चुनिंदा बूथ। यात्रा जहाँ-जहाँ पहुँचेगी, वहाँ की समस्याएँ घोषणापत्र में जुड़ेंगी।
यहीं से खजनी यात्रा शुरू हुई। पानी, सड़क और राशन से जुड़ी समस्याएँ ग्रामीणों ने रखीं।
घर-घर बातचीत जारी — ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और सिंचाई की कमी की बात रख रहे हैं।
सुनवाई जारी — युवाओं के रोज़गार और स्कूल की सुविधाएँ स्थानीय एजेंडे में सबसे ऊपर।
अगला पड़ाव — यात्रा शीघ्र ही बसही पहुँचकर खेती, पानी और राशन की बातें सुनेगी।
खजनी घोषणापत्र जीवंत रूप से लिखा जा रहा है — हर अध्याय उस गाँव से आकार लेगा जहाँ यात्रा पहुँचेगी। पहले से पकी हुई वादों की थाली नहीं — सुनते-सुनते अध्याय दर अध्याय प्रकाशित होगा।
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आपकी बात सीधे मेरी इनबॉक्स में आएगी। कोई कमेटी नहीं। कोई छानना नहीं। कोई राजनीति नहीं।
रोज़ाना अपडेट, गाँव की कहानियाँ और घोषणापत्र के मसौदे — सीधे सड़क से।